हाले-दिल कहें किससे, वो बतलाए तो
ख़यालों में जो है, वो सामने आए तो
सितारे झूम उठेंगे मदहोश होकर
चाँद बादलों का नक़ाब हटाए तो
गुलाबी हो जाएँगी सब फ़िज़ाएँ
कभी बेख़ुदी में वो ज़रा शरमाए तो
फ़ना हो जाएँगे हम उनकी आँखों में
कभी हमसे नज़रे वो मिलाए तो
इस बार मिलें तो साथ न छोड़ेंगे
कभी पास हमको अपने वो बुलाए तो
दर्द सब पल में फ़ना हो जाएगा
कभी वो दिल का राज बतलाए
सुना देगा “राजा” दिल की दास्ताँ
कभी हाल-ए-दिल वो पूछने आए तो
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