Posted inदोहे (भाग-1)
Posted inKavita
इस भरी दुनिया में
इस भरी दुनिया में इस भरी दुनिया में तू किधर जाएगाहोगा ख़ुदा से दूर तो बिखर जाएगा, ख़ुदा सामने…
Posted inKavita
तू मेरे संग है
तू मेरे संग है तू मेरे संग है तो मुझे क्या गम हैमुश्किलें जितनी भी मिले सब कम है हर…
Posted inKavita
हर त्यौहार को अब
हर त्यौहार को अब हर त्यौहार को अब कुछ यूं मनाया जाएकिसी गरीब के घर का चूल्हा जलाया…
Posted inKavita
वक़्त हर वक़्त का
वक़्त हर वक़्त का वक़्त हर वक़्त का हिसाब माँगता हैतुम्हारे हर कर्म का जवाब माँगता है कितनी भी उल्फ़त…




