Posted inGhazal/Nazm तू अपार तू अपार तू अपार, अपरंपार है,तेरी रहमतें हज़ार हैं। तुझसे और मैं क्या माँगूं,तेरी कृपा मुझपे अपार है। मेरी झोली…
Posted inKavita ओह मेरी माँ ओह मेरी माँ ओह मेरी माँ,तू चली गई है कहाँ,छोड़ गई क्यों अकेला,इस जलते जहाँ। तेरी याद बहुत आती…
Posted inKavita समय समय समय-समय की बात हैमानुष के क्या हाथ है पल में राज दिलाती हैपल में रंक बनाती है इक पल…
Posted inKavita इस भरी दुनिया में इस भरी दुनिया में इस भरी दुनिया में तू किधर जाएगाहोगा ख़ुदा से दूर तो बिखर जाएगा, ख़ुदा सामने…
Posted inKavita तू मेरे संग है तू मेरे संग है तू मेरे संग है तो मुझे क्या गम हैमुश्किलें जितनी भी मिले सब कम है हर…