तू मेरे संग है तो मुझे क्या गम है
मुश्किलें जितनी भी मिले सब कम है
हर दरिया हम हँसकर पार कर लेंगे
जब तक तेरा मुझपे रहमो-करम है
सितारे सारे मेरी झोली में डाल देगा
किसी और में कहाँ इतना दम है
मुझे तो यकीं है तुझ पर मेरे मौला
सोचते रहें वो सब जिन्हें भरम है
अब तो बख़्श दे सब गुनाह मेरे
शर्मिन्दा हूं मैं, आँखों में शरम है
सामने आकर अब तो गले लगा ले
तेरी याद में मेरी सूनी आँखे नम है
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