रूठा है यार मेरा उसे मनाऊं कैसे
करते है इंतहा प्यार बताऊँ कैसे
तू है मेरा हमसफर तू ही हमसाया
तुझसे दूर मैं जाऊं तो जाउं कैसे
सजती नहीं कोई महफ़िल अब तेरे बिना
इस महफ़िल को मैं सजाऊं तो सजाऊं कैसे
सरे आइना मैं हुँ पशे आइना है कौन
चेहरा तुझको दीखाऊं तो दीखाऊं कैसे
तेरे बिना कटता नहीं मेरा इक पल भी
‘राजा’ ये लम्बी ज़िंदगी बिताऊ कैसे
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