Posted inGhazal/Nazm नशा रूहानी Posted by Bhuppi Raja February 21, 2001No Comments नशा रूहानी नशा रूहानी चाहिए,तो जाम रूहानी पी। जो होगा उसकी रज़ा,तू मस्त जवानी जी। चिंता करके कल की,काहे गँवाए आज। पल-पल का तू ले मज़ा,हर शाम सुहानी जी। देख बेगाना प्याला,क्यूँ अपना भुला दिया। सब मन की भटकन है,तू अपनी कहानी जी।G076 0 Post navigation Previous Post यूँ मेरा क़त्लNext Postबहुत गुनाह किए हमने