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दोहे (भाग-1)
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दोहे (भाग-1)
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दोहे (भाग-1)
दया धर्म का मूल है-1
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दोहे (भाग-1)
दया धर्म का मूल है-2
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दोहे (भाग-1)
राग-द्वेष भय एक है
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दोहे (भाग-1)
अंदर तेरे राम है
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दोहे (भाग-1)
बाहर अंदर एक है
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दोहे (भाग-1)
मैं मैं करता जग मुआ
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दोहे (भाग-1)
कर्म कांड बहुतो किये
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दोहे (भाग-1)
तिनका तिनका जोड़ के
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दोहे (भाग-1)
चंचल मन बालक भयो
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दोहे (भाग-1)
जो कल था अब है नहीं
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दोहे (भाग-1)
ज्ञानी ध्यानी बहुतो मिले
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दोहे (भाग-1)
ज्ञानी उसको आखिए
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दोहे (भाग-1)
भगवा चोला पहन के
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दोहे (भाग-1)
धर्म हमारा एक है
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दोहे (भाग-1)
कुदरत का कानून है
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दोहे (भाग-1)
मेरा-मेरा बहु किया
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दोहे (भाग-1)
चार किताबें पढ़के तुम
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दोहे (भाग-1)
सांसो का क्या भरोसा
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दोहे (भाग-1)
कलयुग के भव सागर को
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दोहे (भाग-1)
दुनिया तो इक मेला है
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दोहे (भाग-1)
क्यूँ जीवन अपना खोता है
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दोहे (भाग-1)
कुछ साथ नहीं जाना है
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दोहे (भाग-1)
दुनिया रहन बसेरा है
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दोहे (भाग-1)
यह जग तो बेगाना है
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दोहे (भाग-1)
मोह माया ने घेरा है
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दोहे (भाग-1)
सारी उम्र तू सोता है
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दोहे (भाग-1)
जो भी इस जग में होता है
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दोहे (भाग-1)
क्यों धन का दीवाना है
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दोहे (भाग-1)
तू क्यूँ इतना रोता है
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दोहे (भाग-1)
दुनिया खेल तमाशा है
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दोहे (भाग-1)
नाम बिना तू अकेला है
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दोहे (भाग-1)
अब क्यूँ इतना रोता है
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दोहे (भाग-1)
कौन किसी का होता है
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दोहे (भाग-1)
मन मोरा बोह लालची-1
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दोहे (भाग-1)
मन मोरा बोह लालची-2
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