ये भी क्या बात हुई कि वो बात नहीं करते
पहले जैसी अब वो मुलाक़ात नहीं करते
ये उनकी बेरूखी है या बेवफाई है
ना जाने क्या बात है क्यों बात नहीं करते
कभी बेबसी में बात करनी पड़ भी जाए
तो बस वही करते है हर बात नहीं करते
महफ़िल में कभी उनसे सामना हो जाए
नज़रो से अब प्यार कि बरसात नहीं करते
पहले तो बात-बात पे वो तकरार करते थे
अब खामोश रहते है सवालात नहीं करते
छोटी सी जिंदगी है मोहब्बत में गुज़ार दो
इस ज़िन्दगी को ऐसे ही खैरात नहीं करते
ना कद्र हो राजा की दिल से जहाँ पे
बर्बाद वहा हम अपने जज्बात नहीं करते
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