सूरज चाँद सितारे तुम्हारे हो जाएंगे
जिस दिन आप हमारे हो जाएंगे
ये सब हैं मेरे बचपन के संगी-साथी
ये आप के भी दुलारे हो जाएंगे
जब भी देखोगे इन्हें मेरी निगाहों से
सुहाने फ़िज़ा के सब नज़ारे हो जाएंगे
गर न समझे दुनियाँ हमारी चाहत को
हम इक दूसरे के सहारे हो जाएंगे
गर खो दिया हमने बेख़ुदी में तुमको
हम आसमां से टूटे सितारे हो जाएंगे
अपना बनाया है तो छोड़ के ना जाना
वरना हम बेघर बेसहारे हो जाएंगे
ना निकला करो घर से तुम बेनक़ाब
वरना ‘राजा’ जी फिर से कुंवारे हो जाएंगे
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